दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे: सफर आधा, उम्मीदें दोगुनी

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11/28/20251 min read

देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में से एक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को लेकर लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर यह कब पूरा होगा? राजधानी दिल्ली से आर्थिक राजधानी मुंबई तक की दूरी को आधा करने वाला यह एक्सप्रेसवे न केवल दो महानगरों को जोड़ेगा, बल्कि जयपुर, गुरुग्राम, सोहना, कोटा, रतलाम, वडोदरा और सूरत जैसे शहरों को भी नई रफ्तार देगा।

गडकरी ने किया प्रगति का जायजा

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 28 नवंबर को सूरत में निर्माणाधीन हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश जारी है और रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को दूर किया जा रहा है। गडकरी ने भरोसा दिलाया कि सड़क की गुणवत्ता विश्वस्तरीय होगी और छोटी-मोटी कमियों को भी तकनीक के सहारे सुधारा जा रहा है।

24 घंटे से घटकर 12 घंटे का सफर

1350 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पूरा होने पर दिल्ली से मुंबई का सफर महज 12 घंटे में तय किया जा सकेगा। फिलहाल सड़क मार्ग से यह दूरी लगभग 24 घंटे में पूरी होती है। गुरुग्राम से दौसा तक का सेक्शन पहले ही आम जनता के लिए खोल दिया गया है, जिससे लोगों को इस परियोजना की झलक मिल रही है।

ग्रीन हाइवे और इलेक्ट्रिक ट्रकों का सपना

गडकरी ने बताया कि यह एक्सप्रेसवे सिर्फ तेज रफ्तार का रास्ता नहीं होगा, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी खास होगा। हाईवे के दोनों ओर पेड़ लगाए जाएंगे ताकि इसे ग्रीन कवर मिले। उन्होंने कहा—“मेरा सपना है कि भविष्य में इस रोड पर इलेक्ट्रिक ट्रक और बसें दौड़ें।” इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि लॉजिस्टिक कॉस्ट भी घटेगी।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान को भी मिलेगा फायदा

2019 में रखी गई इस परियोजना की नींव अब अपने अंतिम चरण में है। यह एक्सप्रेसवे हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के बड़े आर्थिक केंद्रों को जोड़ेगा। उत्तर प्रदेश और राजस्थान से सीधे दिल्ली या मुंबई जाने वाले यात्रियों को भी इससे सुविधा मिलेगी।

इंजीनियरों और राज्य सरकारों को धन्यवाद

गडकरी ने कहा कि यह सड़क भारत के इतिहास में एक मील का पत्थर होगी। इतनी लंबी और चौड़ी सड़कें दुनिया में भी कम ही हैं। उन्होंने इंजीनियरों, ठेकेदारों और राज्य सरकारों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके सहयोग से यह परियोजना अब पूरा होने के करीब है। सूरत के बाद उन्होंने नवसारी और वलसाड में भी प्रगति का जायजा लिया।

बता दें, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक धड़कन को नई गति देने वाला इंजन है। जब यह पूरी तरह तैयार होगा, तो न केवल सफर आसान होगा बल्कि व्यापार, पर्यटन और तकनीकी विकास की रफ्तार भी दोगुनी हो जाएगी।