वृंदावन में बदली पदयात्रा की लय; अब रात की निस्तब्धता नहीं, शाम की रौनक में दिखेंगे प्रेमानंद महाराज
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मथुरा, 22 दिसंबर 2025– वृंदावन की गलियों में भक्तों की आस्था का रंग अब बदल गया है। प्रेमानंद महाराज, जिनकी पदयात्रा अब तक रात दो बजे की निस्तब्धता में निकलती थी, अब शाम पांच बजे भक्तों को दर्शन देंगे। यह बदलाव न केवल समय का है, बल्कि श्रद्धालुओं के अनुभव का भी है—अब महाराज की झलक पाने के लिए रातभर का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
श्रद्धालुओं के लिए सहजता, मार्ग पर अनुशासन
रविवार को जब महाराज बदले हुए समय पर निकले, तो पूरा मार्ग फूलों से सजा था। श्रीकृष्ण शरणम् से श्री राधा केलिकुंज आश्रम तक की लगभग दो किलोमीटर की पदयात्रा में अनुशासन और व्यवस्था का अद्भुत संगम दिखा। श्रद्धालु कतारों में खड़े रहे, बुजुर्गों और बच्चों को आगे बढ़ने की जगह देते हुए। शाम की रोशनी में भक्तों का उत्साह और महाराज की उपस्थिति ने वातावरण को भक्ति और उल्लास से भर दिया।
सुरक्षा और व्यवस्था पर पुलिस की पैनी नजर
समय बदलने के साथ ही भीड़ का स्वरूप भी बदल गया है। रात की शांति की जगह अब शाम की भीड़भाड़ है, जिससे मथुरा पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ गई है। पूरे मार्ग पर बैरिकेडिंग और रस्सियों की व्यवस्था की गई है ताकि कोई श्रद्धालु रास्ते में न आए। सीओ सदर संदीप सिंह ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे व्यवस्था सुचारू और सुरक्षित बनी रहे।
भक्ति का उत्सव, रंगोली और भजन-कीर्तन
पदयात्रा से पहले ही श्रद्धालु मार्ग पर रंगोली सजाते, बच्चों को राधा-कृष्ण के स्वरूप में तैयार करते और भजन-कीर्तन में लीन रहते हैं। कई बार महाराज इन दृश्यों को देखकर रुकते हैं और भक्तों का अभिवादन स्वीकार करते हैं। यह दृश्य केवल पदयात्रा नहीं, बल्कि भक्ति का उत्सव बन जाता है।
प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा का समय बदलना भक्तों के लिए राहत और उत्साह दोनों लेकर आया है। रात की निस्तब्धता से निकलकर अब शाम की रौनक में महाराज का दर्शन होगा, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और प्रशासन की जिम्मेदारी दोनों और गहरी हो गई हैं।
